What is Supersonic jet
What is supersonic jet |
Speed of supersonic jet
Supersonic meaning-
जब किसी वस्तु की स्पीड ध्वनि की स्पीड से ज्यादा हो जाए तो उसे सुपर सोनिक कहते हैं । ध्वनि की स्पीड 3 ×10^8 m/s होती है।
वैज्ञानिक भाषा में इसे माक नंबर के द्वारा परिभाषित किया जाता है जब किसी वस्तु की चाल 1.2-5.0 mach number के बीच होती है तो उसे सुपर सोनिक कहते हैं।
Mach number : M = v / c
What is sonic boom-
जब कोई सुपर सोनिक प्लेन आपके ऊपर से गुजरता है तो आप इस सोनिक बूम को सुन सकते हैं । इसकी तुलना आप एक गुब्बारे के फटने से कर सकते हैं ,जब आप किसी गुबारे को पिन से फोड़ते हैं तो उसके अंदर की हवा बहुत तेजी से बाहर निकलती है और बहुत तेज आवाज उत्पन्न होती है जब सुपर सोनिक प्लेन उड़ते हैं तो यह बड़े पैमाने पर होता है और बहुत तेज ध्वनि उत्पन्न होती है जिसे सोनिक बूम कहते हैं ।
Speed of supersonic jet- 1235-5000 km/h
World's fastest supersonic jet-
NASA/USAF X-15
World's first supersonic plane 'concord' story-
सुपर सोनिक प्लेन का आविष्कार जो 1947 में किया गया। 14 अक्टूबर 1947 को यूएस वायु सेना के पायलट मेजर चार्ल्स यूजर ने पहले सुपर सैनिक प्लेन को उड़ाया ।यह पहले पायलट थे जिन्होंने एक प्लेन को सुपरसोनिक स्पीड पर उड़ाया था इस प्लेन को अमेरिका में मोबायो रेगिस्तान के ऊपर उड़ाया गया था पहले इन विमानों का उपयोग यूएस फौज के लिए किया जाता था। इसके बाद बड़ी-बड़ी कंपनियों ने निर्णय लिया कि हम इन विमानों का उपयोग सामान्य यात्रियों के लिए भी करेंगे।
इस बार फ्रांस और ब्रिटेन ने इस विमान को विकसित करने के लिए 'concord' नाम से एक एग्रीमेंट साइन किया। इस एग्रीमेंट के तहत दोनों सरकारों ने निर्णय लिया कि एक सुपर सोनिक विमान विकसित किया जाएगा जो सामान्य यात्रियों के लिए होगा। कुछ सालों बाद मार्च 1969 में कोनकॉर्ड विमान की पहली सफलता पूर्वक उड़ान भरी गई ।
यह कोनकॉर्ड फ्लाइट यूरोप से अमेरिका आधे समय से कम में भी पहुंचा सकती थी इस विमान की टिकट बहुत महंगी थी केवल अमीर लोग ही इसे खरीद पाते थे। अब इस फ्लाईट को उड़ते हुए को 25 साल हो गए थे परन्तु कोई भी दुर्घटना सामने नहीं आई थी । सभी यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता था।
लेकिन 25 जुलाई 2000 को concord फ्लाइट के इतिहास में बहुत बड़ी घटना हुई जब एयर फ्रांस की फ्लाइट 4590 पेरिस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है और प्लेन में मौजूद 109 यात्री मारे जाते हैं। जांच में पता चला कि यह दुर्घटना प्लेन के फ्यूल टैंक में आग लगने की वजह से हुई है इसके बाद ब्रिटिश एयरलाइन और फ्रांस एयरलाइन ने इस फ्लाइट को बंद करने का फैसला लिया । उस समय के बाद अभी तक कोई भी सुपर सोनिक प्लेन सामान्य यात्रियों के लिए उपयोग नहीं किया गया ।




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